Tantra - Sarvoch Samajh
Tiloopa - Vani Par Pravachan
(Paperback)

2 products added to cart in last 30 minutes
MRP: ₹175.00 | Saved: ₹17 (10%) ₹158.00 @ Amazon Last Updated: 18-Feb-2018 08:53:32 am
✅ Lowest price available on Amazon
✅ Usually dispatched within 3-4 business days
✅ Total 1 new items found

Related Categories

द्वतंत्र की दृष्टि तिलोपा की आत्मा है। सबसे पहले तुम्हें तंत्र की दृष्टि को समझना पड़ेगा, तभी यह संभव हो सकेगा कि तिलोपा जो कहने की कोशिश कर रहा है, उसे तुम समझ सको। इसलिए पहले कुछ बातें तंत्र की दृष्टि के बारे में - पहली बात: वह कोई दृष्टि नहीं है, क्योंकि तंत्र जीवन को समग्र दृष्टि से देखता है। उसकी कोई विशेष दृष्टि नहीं है जीवन को देखने के लिए। उसकी कोई धारणा नहीं है, कोई दर्शनशास्त्र नहीं है। उसका कोई धर्म भी नहीं है। वह जीवन को किसी दर्शन, किसी सिद्धांत तथा शास्त्र के बिना देखना चाहता है। वह चाहता है कि जीवन को देखे, जैसा वह है, बिना मन को बीच में लाए, क्योंकि मन उसमें कुछ जोड़ देगा, और तब तुम उसके सही रूप को जान सकोगे।

AuthorOsho
BindingPaperback
EAN9788121616539
Edition1
ISBN8121616530
Weight49 g
LanguageHindi
Language TypePublished
Number Of Pages288
Product GroupBook
Publication Date2012-01
PublisherHind Pocket Books
StudioHind Pocket Books
Sales Rank96778

Bestsellers in Religious & Spiritual Fiction

Trending Products at this Moment

General information about Tantra - Sarvoch Samajh: Tiloopa - Vani Par Pravachan